पंजों में हाथी दबोचकर उड़ जाने वाली एक कल्पित चिड़िया, झाँसी के किले की घेराबंदी और रामायण के प्रसंग—ओरछा के लक्ष्मीनारायण मंदिर में ये सभी विषय दीवारों पर मिलते हैं। निवाड़ी जिले के इस मंदिर की चित्रमाला में पौराणिक कथा के साथ युद्ध और सामान्य जीवन के दृश्य भी हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन चिड़िया वाले चित्र को ‘चुंगी चिरैया’ के नाम से दर्ज करता है।

चौकोर घेरे के भीतर आठ भुजाओं का गर्भगृह

मध्यप्रदेश पर्यटन के अनुसार वीरसिंह देव ने मंदिर 1622 में बनवाया था। इमारत चौकोर है और मुख्य प्रवेश उसके एक कोने पर है। बाहर की दीवारों के ऊपर कंगूरे तथा चारों कोनों पर छोटे बुर्ज हैं। बीच में अपेक्षाकृत ऊँचा बुर्ज उठता है। यह बाहरी रूप किले की बनावट की याद दिलाता है।

भीतर खुले आकाश वाला आँगन है। उसकी परिधि में दीर्घाएँ चलती हैं और केंद्र में आठ भुजाओं वाला गर्भगृह है, जिसके सामने एक मंडप बना है। चित्र दीर्घाओं की दीवारों से उनकी मेहराबदार छतों तक फैले हैं। पर्यटन बोर्ड की 2025 की पुस्तक इमारत में पतली लखौरी ईंट, पत्थर और चूने के गारे का उपयोग दर्ज करती है।

रामायण के साथ झाँसी का इतिहास

पर्यटन विभाग के मंदिर-विवरण में रामायण और कृष्णकथा के प्रसंगों के साथ पौराणिक, युद्ध-संबंधी और लौकिक विषय गिनाए गए हैं। उसकी पुस्तक में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना द्वारा झाँसी के किले की घेराबंदी का चित्र और मेज पर पेय पीते दो यूरोपीय सैनिकों का दृश्य भी दर्ज है। पुस्तक इन चित्रों को बुंदेलखंड की चित्रकला के सत्रहवीं से उन्नीसवीं सदी के विकसित दौर से जोड़ती है। भवन की 1622 की तारीख और पूरी चित्रमाला का समय इसलिए एक नहीं है।

रंग के नीचे से निकलती सफेद रेखा

प्रवेश और आँगन के आसपास की दीर्घाओं के कुछ लाल-सफेद चित्रों की तकनीक भी अलग है। पुस्तक के अनुसार तैयार सतह पर रंग सूखने के बाद आकृतियाँ उकेरी गईं, जिससे नीचे की सफेद परत दिखाई देती है। वह दो यूरोपीय सैनिकों वाले चित्र को भी इसी तकनीक का उदाहरण बताती है और इस तरह के दीवार-चित्रों को उन्नीसवीं सदी से जोड़ती है।

मुख्य बातें

  • मध्यप्रदेश पर्यटन मंदिर का निर्माण वीरसिंह देव द्वारा 1622 में कराया गया बताता है।
  • मंदिर की चित्रमाला में रामायण, कृष्णकथा, झाँसी की घेराबंदी और यूरोपीय सैनिकों के दृश्य दर्ज हैं।
  • प्रवेश और दीर्घाओं के कुछ लाल-सफेद चित्र रंगी सतह को उकेरकर बनाए गए हैं।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्यप्रदेश पर्यटन · Majestic Orchha — Laxmi Narayan Temple ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  2. मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड · Discovering Madhya Pradesh, प्रथम संस्करण 2025, मुद्रित पृष्ठ 151–152 और 155 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।

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